भांडवपुर तीर्थ का मामला : दो माह पहले जैन संत की आत्महत्या मामले में भाई ने जताई हत्या की आशंका, तेलुगु में लिखा पत्र एसपी को सौंपा

भांडवपुर तीर्थ का मामला : दो माह पहले जैन संत की आत्महत्या मामले में भाई ने जताई हत्या की आशंका, तेलुगु में लिखा पत्र एसपी को सौंपा
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  • संत के भाई ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस अधीक्षक से जांच की मांग की

  • जालोर एसपी को कॉल रिकॉर्डिंग भी सौंपी

जालोर

जालोर के चौराऊ निवासी जयंतीलाल उर्फ जीतमल पुत्र सरदारमल जैन ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक श्यामसिंह को ज्ञापन देकर भांडवपुर तीर्थ में 22 जनवरी 2021 को जैन साधु जिनरत्न विजय महाराज की संदिग्ध मौत के प्रकरण में साजिश रचकर हत्या करवाने व सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

प्रार्थी जयंतीलाल ने ज्ञापन में बताया कि 23 जनवरी 2021 को सुबह करीब 4 बजकर 45 मिनट पर उनकी बहन उषा देवी के मोबाइल पर भांडवपुर तीर्थ से मुख्य साधु जयरत्न सूरी महाराज का फोन आया और कहा कि जिनरत्न विजय महाराज नहीं मिल रहे हैं तथा उनकी तलाश में चौराऊ और जीवाणा में गाडिय़ां भेजी है। इसके 15-20 मिनट बाद जब उन्होंने फोन किया तो मुख्य साधु ने बताया कि जिनरत्न विजय महाराज ने आत्महत्या कर ली है।

परिजनों के पहुंचने से पहले ही कर दिया अंतिम संस्कार

जयंतीलाल ने बताया कि जब उन्होंने अपने भाई सुरेश के साथ वहां आने की बात कही तो जवाब में महाराज जयरत्न सूरी ने कहा कि आने की जरुरत नहीं है। मुख्या महाराज ने बताया कि जिनरत्न ने अपनी वसीयत दीवार पर लिखी है तथा उनकी अंतिम इच्छा है कि उनके पीछे कोई कार्यक्रम मत करना तथा मृत्यु के पांच घंटे में ही अंतिम संस्कार कर देना। उस समय समाज के डर व महाराज के आदेश के आगे हम कुछ नहीं कर पाए और हमारे पहुंचने से ही पहले ही तुरंत उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया, जबकि 11 जनवरी 2021 को भांडवपुर तीर्थ में एक साध्वी सूर्याकिरणाश्री के देवलोक होने पर तीन तक उनकी देह तीर्थ में दर्शनार्थ रखी गई थी और कई धार्मिक अनुष्ठान भी हुए थे।

2010 में पति—पत्नी दोनों ने सांसारिक जीवन छोड़ ली थी दीक्षा

ज्ञापन में बताया कि वो स्वयं सहित किशोर कुमार, सुरेश कुमार व राजू चार भाई है। इनमें सबसे बड़े किशोर कुमार बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति होने के कारण उन्होंने व उनकी पत्नी मंजू देवी ने करीब 11 साल पहले 30 मई 2010 को सजोड़े दीक्षा ग्रहण की थी। दीक्षा के बाद किशोर कुमार का नाम जिनरत्न विजय व मंजू देवी का नाम त्रिलोकरत्ना रखा गया। दीक्षा के बाद जिनरत्न विजय पिछले चार साल से भांडवपुर तीर्थ तथा साध्वी त्रिलोकरत्नाश्री पालीताणा में है।

तेलगू में लिखे पत्र से हत्या का संदेह गहराया

उन्होंने बताया कि जिनरत्न महाराज की मौत से पहले की रात्रि यानि 22 जनवरी 2021 को रात्रि करीब 11 बजकर 31 मिनट पर उनके मोबाइल पर फोन आया तथा इस दौरान वो काफी अजीब बातें कर रहे थे, जिससे लग रहा था कि वो किसी के दवाब में निर्देश पर पढ़ा हुआ बोल रहे थे। वहीं फोन में भी कुछ पन्ने पलटने जैसी आवाजें आ रही थी, जिससे उनकी मौत नहीं, बल्कि हत्या होने का संदेह हो रहा है। साथ ही काफी समय से उन्हें व्याख्यान से भी दूर रखा जा रहा था। उन्होंने तेलगू भाषा में हस्तलिखित संदेश उनकी सांसारिक पुत्री नीता को 8 दिसंबर 2020 को दिया था, जब वो उनसे मिलने तीर्थ आई थी और उसी दिन नीता ने यह संदेश वाट्सएप के जरिए प्रार्थी को भी भेजा था।

Bhandavpur News
जैन संत का लिखा तेलुगु में पत्र, जो कि जैन संत के भाई ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा।

तेलुगु में लिखे पत्र का अनुवाद

जीतमल यहां कुछ भी अच्छा नहीं है। ऐसा लग रहा है जैसे मैं जूल में हूं। फोन की रिकॉर्डिंग हो रही है। दूसरा वाट्सएप नम्बर देना। यहां मैं एक कैमरे के नीचे हूं। खूब ध्यान से रहना। हर रोज फोन नहीं आए तो समझना यहां कुछ हो गया है। अपने सब लोगों को बोलना यहां फोन रिकॉर्ड हो रहा है। और ज्यादा विषय भी है।

ये बातें भी बढ़ा रही संदेह

प्रार्थी जयंतीलाल ने बताया कि जिन परिस्थितियों में जिनरत्न विजय महाराज का शव संदिग्ध परिस्थितियों में जिस टंकी में मिला, उसमें केवल डेढ से दो फीट पानी था, जिससे आत्महत्या प्रतीत नहीं होती। वहीं टंकी के बाहर पड़ा कपड़ा भी संदेह उत्पन्न करता है। वो स्नान भी गर्म पानी से करते थे तो ठंडे पानी में डूबकर आत्महत्या करना भी संदेह पैदा करता है। वहीं महाराज का शरीर भी आधा गीला तथा आधा सूखा था। उनके कमरे के पीछे बनी 50 फीट से अधिक ऊंची टंकी पर करीब 60 साल से अधिक उम्र के महाराज का चढऩा मुश्किल था, क्योंकि उनके एक पैर की नस फटी हुई होने के साथ पैर के अंगूठे में भी चोट लगी हुई थी। ऐसे में पूरी आशंका है कि उनकी हत्या कर शव टांके में डाला गया है तथा राजनैतिक दवाब के चलते पुलिस ने भी पुख्ता जांच नहीं की। प्रार्थी ने बताया कि ज्ञापन के साथ संलग्र किए गए मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपों के साक्ष्य जुटाए जा सकते हैं।

उचित कार्रवाई के लिए लिखा है

प्रार्थी की ओर से परिवाद पेश किया गया है। संबंधित थाने में इस प्रकरण में पहले से मर्ग का मामला दर्ज है। परिवाद के आधार पर उचित व आवश्यक कार्रवाई के लिए लिखा है।

-श्यामसिंह, एसपी, जालोर


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