गुर्जरों का सरकार को अल्टीमेटम, 30 अक्टूबर तक मांगे माने नहीं तो एक नवंबर से राजस्थान जाम करेंगे; 5 घंटे देरी से पहुंचे कर्नल बैंसला; 1 घंटे में ही खत्म हो गई सभा

गुर्जरों का सरकार को अल्टीमेटम, 30 अक्टूबर तक मांगे माने नहीं तो एक नवंबर से राजस्थान जाम करेंगे; 5 घंटे देरी से पहुंचे कर्नल बैंसला; 1 घंटे में ही खत्म हो गई सभा
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बयाना। अड्‌डा गांव में गुर्ज महापंचायत को संबोधित करते कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला।

  • भरतपुर के अड्‌डा गांव में हुई महापंचायत, देर रात आईएएस नीरज के पवन कर्नल बैंसला से मिले

जयपुर

गुर्जरों ने एक बार फिर सरकार को आंदोलन का अल्टीमेटम दे दिया है। गुर्जरों के नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने सरकार को 30 अक्टूबर तक का समय दिया है साथ ही चेताया है कि वह आरक्षण को केन्द्र की 9वीं अनुसूची में शामिल करने तथा भर्तियों में पूरे 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने सहित सभी मांगों को मान ले नहीं तो हम एक नवंबर से राजस्थान जाम करेंगे।

एक घंटे में ही खत्म हो गई महापंचायत

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने ढाई साल बाद फिर अड्डा गांव में शनिवार को महापंचायत बुलाई थी। महापंचायत का समय सुबह 11 बजे तक का दिया था लेकिन खुद कर्नल बैंसला शाम चार बजे सभा स्थल पर पहुंचे। वे एक घंटे मंच पर रहे और शाम पांच बजे आंदोलन के अल्टीमेटम के साथ खत्म भी हो गई। हालांकि वक्ताओं ने मंच से दोपहर दो बजे बाद संबोधित करना शुरू कर दिया था।

कर्नल बैंसला से चर्चा करते गुर्जर नेता।

कर्नल बैंसला से चर्चा करते गुर्जर नेता।

महापंचायत हुई दो फाड़

महापंचायत दो धड़ों में बंटी नजर आई। एक धड़ा यह चाहता था कि अभी आंदोलन का निर्णय टाल दिया जाए क्योंकि कोरोनाकाल चल रहा है साथ में फसल बुआई का समय भी है। वहीं युवाओं का एक वर्ग आज से ही आंदोलन शुरू करना चाहता था। हालांकि अंत में कर्नल बैंसला ने मंच से घोषणा की कि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो एक नवंबर से आंदोलन किया जाएगा।

करीब साढ़े चार हजार लोग जुट महापंचायत में

महापंचायत में 20 हजार लोगों के आने का अनुमान था। इसमें 80 गांवों के लोगों को बुलाया गया था। महापंचायत से जुड़े लोगों का दावा था कि करीब 20 हजार लोग शामिल होंगे, पर प्रशासन का मानना था कि करीब पांच हजार लोग जुट सकते हैं और हुआ भी यही। महापंचायत में पांच हजार लोग भी पूरा नहीं पहुंचे।

गुर्जर महापंचायत में आए लोग।

गुर्जर महापंचायत में आए लोग।

इधर, सरकार ने जिला कलेक्टर नथमल डिडेल के जरिए संयोजक कर्नल किरोड़ी बैंसला को वार्ता का प्रस्ताव भेजा था। इसकी पुष्टि जिला कलेक्टर नथमल डिडेल ने की थी। इधर, प्रशासन ने बयाना, बैर, भुसावर, रूपवास समेत कई जगह शुक्रवार रात 12 बजे से इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया तथा 2350 जवान तैनात किए गए थे।

देर रात बैंसला से मिले आईएएस नीरज के पवन

सरकार ने देर रात कर्नल बैंसला से बातचीत के लिए आईएएस नीरज के पवन को विशेष दूत के तौर पर भेजा था। शुक्रवार देर रात नीरज भरतपुर के एसपी और कलेक्टर के साथ हिंडौन सिटी स्थित कर्नल बैंसला के आवास पर पहुंचे। पवन ने कर्नल बैंसला को सरकार की तरफ से वार्ता के लिए न्योता दिया।

वहीं, गुर्जरों की मांगें मानने के लिए सरकार का मसौदा बताया। आईएस नीरज भरतपुर व करौली के कलेक्टर रह चुके हैं। वे सीएम गहलोत के साथ-साथ बैंसला के भी निकट समझे जाते हैं और पूर्व के कई गुर्जर आंदोलनों में मध्यस्थ की भूमिका निभा चुके हैं।

ये हैं 6 प्रमुख मांगें

  • आरक्षण को केन्द्र की 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
  • बैकलॉग की भर्तियां निकालने व प्रक्रियाधीन भर्तियों में पूरे 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाए।
  • एमबीसी कोटे से भर्ती हुए 1252 कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
  • आंदोलन के शहीदों के परिजनों को नौकरी व मुआवजा दिया जाए।
  • मुकदमों को वापस लिया जाए।
  • देवनारायण योजना लागू करें।

गुर्जर समाज का कूच, प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा

एसपी अमनदीप सिंह ने बताया कि 6 एएसपी, 12 डीवाईएसपी सहित पुलिस के करीब 2100 जवान तैनात किए गए थे। सभी पुलिसकर्मियों के अवकाश रद्द कर दिए गए। इसके अलावा रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के लिए 100 आरएएफ व 150 जीआरपी के जवान तैनात किए गए। गैंगमैन को अलर्ट किया गया है।

महापंचायत पर शुक्रवार को शेरगढ़ गांव स्थित राजेश पायलट स्कूल परिसर में गुर्जर समाज की बैठक हुई। सभी ने एकसुर में महापंचायत को सफल बनाने तथा मांगों के लिए सरकार पर दबाव बनाने की बात कही। कई वक्ताओं ने आंदोलन की कमान बैंसला के पुत्र विजय बैंसला के संभालने पर नाराजगी दिखाई थी।बयाना को इसलिए चुनाव
गुर्जर बहुल और राशन की उपलब्धता होने के कारण हर बार बयाना का पीलूपुरा गुर्जर आंदोलन का केंद्र बनता है। 80 से ज्यादा गांव गुर्जर बहुल हैं। यहां 2006, 2007, 2008, 2010 और 2018 में गुर्जर आंदोलन हो चुके हैं।

 

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