सांठ गांठ से चल रही अवैध दुकानें, ठेकों से ही पहुंचाई जा रही ब्रांच पर शराब

सांठ गांठ से चल रही अवैध दुकानें, ठेकों से ही पहुंचाई जा रही ब्रांच पर शराब
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– भीनमाल में अवैध दुकानों के खेल के पीछे की सच्चाई, अधिकारी स्वयं भी इस खेल के लिए जिम्मेदार

भीनमाल. भीनमाल में अवैध शराब बिकवाली के मामले में चौंकाने वाली सच्चाई सामने आ रही है। इन अवैध दुकानेां का संचालन वैध शराब की दुकानों की आड़ में ही हो रहा है और बकायदा विभाग ही इनको शह दे रहा है। सूत्रों की मानें तो यही कारण है जिसके कारण अब तक विभाग इन पर कार्रवाई नहीं कर रहा।

मामले में खास बात यह भी है कि विभाग द्वारा अवैध दुकानों को मौन स्वीकृति उनकी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। विभाग को इस मामले में पिछले सात दिन से शिकायतें प्राप्त हो रही है, लेकिन उन्होंने मामले की जानकारी होने के बाद भी मौन धारण कर लिया है। कहीं न कहीं यह स्थिति बड़ सांठ गांठ को प्रतीत कर रही है।

मामला इसलिए खास है कि ऑन रिकार्ड भीनमाल में ये शराब की दुकानें है ही नहीं। लेकिन उसके बाद भी धड़ल्ले से विभाग की शह के कारण ये दुकानें चल रही है। चूंकि लोकेशन नहीं है तो ये दुकानें मनमर्जी से चल रही है। सवेरे 7 बजे शुरू होने वाली ये शराब की दुकानें रात 12 बजे तक चल रही है।

इन शराब की दुकानों पर नकेल कसने की जरुरत है। क्योंकि इसी तरह की अवैध दुकानें झाब थाना क्षेत्र के फागोतरा और रानीवाड़ा के आदरवाडा में संचालित थी, जहां गंभीर वारदात के साथ मर्डर तक हो चुका है। लेकिन विभाग और प्रशासन यहां वारदात का इंतजार कर रहा है।

दो गुट उलझे, पुलिस नहीं बुलाई

भीनमाल के आस पास अवैध शराब की दुकानों की भरमार है। इनमें मुख्य रूप से खजुरिया नाला और गुणी नाडा प्रमुख है। इन दोनों ही अवैध दुकानों पर बड़े सरपरस्तों का हाथ है। इसलिए विभाग इन पर कार्रवाई नहीं कर रहा। दूसरी तरफ कानून व्यवस्था की बात करें तो ये दुकान पुलिस प्रशासन को धत्ता बता रहे हैं।

रविवार रात को गुणी नाडा के पास स्थित अवैध दुकान पर दो गुट उलझ गए थे और इस दौरान मामला खासा बिगड़ा। लाते और घूंसे चले, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद भी पुलिस को इत्तला तक नहीं की गई और करीब आधे घंटे के घटनाक्रम के बाद मामला शांत हो पाया।

कार्रवाई का इंतजार

भीनमाल में अंगे्रजी के छह समूह है। इसके अलावा देसी समूह भी संचालित है। प्रत्येक दुकान के गोदाम भी है। नियमानुसार गोदाम से शराब की बिकवाली नहीं होनी चाहिए। लेकिन अंगे्रजी समूह के गोदामों से बकायदा शराब की बिकवाली और शराब परोसी भी जा रही है। वहीं जसवंतपुरा रेलवे क्रॉसिंग और करड़ा मार्ग के पास अंगे्रजी समूह भी बार की तरह चल रहे हैं। यहां शराब परोसी जा रही है और देर रात तक कहीं शटर के नीचे से तो कहीं खिड़की तो कुछ स्थानों पर दुकानें के अंदर से शराब को बेचा जा रहा है। जसवंतपुरा क्रॉसिंग के पास स्थित शराब की दुकान पर एसडीएम की कार्रवाई के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी है और यहां बिकवाली का दौर देर रात तक जारी रहता है और यहां शराबियों का आतंक भी रहता है।

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