पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के मीडिया सलाहकार को अंतरिम राहत, पुलिस कार्रवाई पर लगाई रोक

पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के मीडिया सलाहकार को अंतरिम राहत, पुलिस कार्रवाई पर लगाई रोक
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हाईकोर्ट ने पुलिस को पत्रकार लोकेंद्र सिंह के खिलाफ कोई भी बलपूर्वक कार्रवाई करने पर 18 नवंबर तक रोक लगा दी है। साथ ही, हाईकोर्ट ने केस डायरी तलब की है।

  • जैसलमेर के होटल में बाड़ेबंदी के दौरान विधायकों के फोनटेपिंग की खबर प्रसारित करने का मामला

  • लोकेंद्र सिंह के अलावा सायबर पुलिस ने आज तक के न्यूज़ एडिटर पर भी दर्ज किया था केस

जयपुर

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बैंच के न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार ने शुक्रवार को पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के मीडिया सलाहकार लोकेंद्र सिंह को अंतरिम राहत दी है। हाईकोर्ट ने पुलिस को लोकेंद्र सिंह के खिलाफ कोई भी बलपूर्वक कार्रवाई करने पर 18 नवंबर तक रोक लगा दी है। साथ ही, हाईकोर्ट ने केस डायरी तलब की है। इस मामले में अगली सुनवाई 19 नवम्बर को होगी। पत्रकार लोकेंद्र सिंह की तरफ से एडवोकेट एसएस होरा ने पैरवी की थी। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब विधायकपुरी थाना पुलिस लोकेंद्र सिंह को 18 नवंबर तक गिरफ्तार या अन्य कोई कार्रवाई नहीं कर सकेगी।

प्रार्थना पत्र में पत्रकार लोकेंद्र सिंह की तरफ से यह कहा गया

जानकारी के अनुसार एक न्यूज एजेंसी के संपादक और सचिन पायलट के मीडिया सलाहकार लोकेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दायर किया था। जिसमें बताया कि जैसलमेर स्थित होटल में विधायकों की बाड़ेबंदी के दौरान उनके मोबाइल फोन को टेप करने की खबर चलाने के मामले में पुलिस ने द्वेषतापूर्ण कार्रवाई की है। लोकेंद्र ने इस बात को स्वीकार किया कि गत 7 अगस्त को दोपहर को अपने मोबाइल फोन से कुछ मीडियाकर्मियों को विधायकों के फोन टेप करने की सूचना भेजी थी।

लेकिन, इसके पहले ही सुबह करीब 9 बजे एक नेशनल और एक रीजनल चैनल पर यह खबर प्रसारित हो गई थी। इसके तथ्य भी लोकेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट को दिए है। पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाने संबंधी प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहा कि जब अन्य चैनलों पर यह खबर चल गई तो फिर उसी खबर को लेकर उन्हें साजिशकर्ता बताना जाना सही नहीं है। लोकेन्द्र ने यह भी कहा कि वे एक न्यूज एजेंसी चलाते हैं। उन्होंने अपने व्हाट्सएप पर अपनी न्यूज एजेंसी की खबर ही भेजी थी। यह एक पत्रकार के तौर पर दी गई खबर थी, जो कि एक अपराध नहीं है।

यह था मामला

गौरतलब है कि सचिन पायलट गुट के विधायकों के बगावती तेवर अपनाने के बाद गहलोत के समर्थक विधायकों को जुलाई-अगस्त में जयपुर और जैसलमेर की होटलों में रखा गया था। इस बीच 7 अगस्त को एक खबर आई कि जैसलमेर स्थित होटल में मौजूद विधायकों के फोन टेप किए जा रहे है। यह टेपिंग जयपुर से की जा रही है। इस संबंध में विधायकों के नाम की एक लिस्ट भी वायरल हुई थी।

हालांकि इन खबरों का सरकार की ओर से तत्काल खंडन किया गया। लेकिन पिछले दिनों अचानक पुलिस कमिश्नरेट में सायबर थानाप्रभारी सुरेंद्र पंचोली द्वारा विधायकपुरी थाने में एक दर्ज करवाया कि पत्रकार लोकेंद्र सिंह व आज तक के राजस्थान न्यूज एडिटर शरत कुमार ने फोन टेपिंग की भ्रामक खबर बिना तथ्यों के चलाई। इसकी जांच थानाप्रभारी ओमप्रकाश मातवा कर रहे है।

 

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