13 दिन से एक लेन पर किसान डटे थे, हरियाणा पुलिस ने दूसरी लेन भी बंद की, ताकि किसान दिल्ली न जा पाएं

13 दिन से एक लेन पर किसान डटे थे, हरियाणा पुलिस ने दूसरी लेन भी बंद की, ताकि किसान दिल्ली न जा पाएं
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अलवर

यह शाहजहांपुर खेड़ा बॉर्डर है। किसान दिल्ली न जा पाएं, इसलिए हरियाणा पुलिस ने हाईवे की दूसरी लेन भी बंद कर दी है। बॉर्डर पर फोर्स भी भारी तादाद में लगा दी है।

राजस्थान में अलवर के शाहजहांपुर-खेड़ा बॉर्डर पर किसान आंदोलन तेज हो गया है। आंदोलनकारियों की बढ़ती संख्या और किसानों के दिल्ली कूच की आशंका को देखते हुए शुक्रवार दोपहर दो बजे हरियाणा पुलिस ने जयपुर-दिल्ली हाईवे की दूसरी लेन को भी बंद कर दिया। शाहजहांपुर बॉर्डर पर 12 दिसंबर से हाईवे पर किसान डटे हुए हैं। अभी तक जयपुर से दिल्ली जाने वाली लेन ही बंद थी। शुक्रवार दोपहर को हाईवे की दिल्ली-जयपुर वाली लेन पर भी हरियाणा पुलिस ने बैरिकेड लगा दिए। वाहनों को बावल की तरफ से डायवर्ट किया गया है। ऐसे में बॉर्डर पर हाईवे की दोनों लेन बंद हो गई हैं।

हरियाणा पुलिस ने बैरिकेड लगाकर हाईवे की दूसरी लेन भी बंद कर दी।

हरियाणा पुलिस ने बैरिकेड लगाकर हाईवे की दूसरी लेन भी बंद कर दी।

जयपुर-दिल्ली लेन पर करीब दो किलोमीटर तक किसान आंदोलन का फैलाव है। किसानों के टेंट और वाहन खड़े हैं। वहीं, दिल्ली-जयपुर लेन को बंद करने के बाद उस पर भी किसान आ गए हैं। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि सरकार ने जानबूझकर हाईवे की दूसरी लेन बंद की है। किसानों ने हाईवे जाम नहीं किया। किसान दिल्ली कूच न कर पाएं, इसलिए शाहजहांपुर खेड़ा बॉर्डर पर बैरिकेड लगा दिए गए हैं।

सांसद बेनीवाल ने कहा था- 26 को दो लाख किसान आएंगे

सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा था कि वे 26 दिसंबर को दो लाख किसानों के साथ शाहजहांपुर खेड़ा हरियाणा बॉर्डर पर आएंगे। इस संबंध में गुरुवार को उन्होंने जयपुर में जनसंपर्क भी किया था। ऐसे में आशंका है कि वे शनिवार को बड़ी संख्या में किसानों को लेकर बॉर्डर पर पहुंच सकते हैं। माना जा रहा है कि इससे हालात बिगड़ सकते हैं, इसलिए एहतियात के तौर पर एक दिन पहले ही हरियाणा पुलिस ने हाईवे बंद कर दिया।

नेशनल हाईवे पर दूसरी लेन पर बैरियर लगाने के बाद किसान इस तरह रोड पर आ गए।

नेशनल हाईवे पर दूसरी लेन पर बैरियर लगाने के बाद किसान इस तरह रोड पर आ गए।

तीन घेरे में पुलिस जवान तैनात

शाहजहांपुर बॉर्डर से लेकर हरियाणा की तरफ करीब 1500 से अधिक पुलिस और सशस्त्र बल के जवान लगे हैं, ताकि किसान यहां से आगे नहीं जा सकें। दूसरी तरफ किसान अब दोनों तरफ के रोड पर आकर खड़े हो गए हैं। बॉर्डर पर एक तरफ पुलिस ही पुलिस दिख रही है तो दूसरी तरफ किसान, उनके टेंट और वाहन खड़े हैं। हालात ये हैं कि एक भी वाहन दिल्ली की तरफ नहीं जा सकता और न ही आ सकता है।

शाहजहांपुर में बॉर्डर के एक तरफ किसान ही किसान और दूसरी तरफ पुलिस ही पुलिस नजर आ रही है।

शाहजहांपुर में बॉर्डर के एक तरफ किसान ही किसान और दूसरी तरफ पुलिस ही पुलिस नजर आ रही है।

मुंबई से भी पहुंचे किसान

शुक्रवार को बॉर्डर पर बड़ी संख्या में मुंबई से किसान आए। अलवर समेत आसपास के जिलों से जाट समाज के काफी किसान आ गए। वहीं, अहीर सेना से जुड़े किसान और आमजन भी पहुंचे हैं। इस कारण शुक्रवार को भीड़ बढ़ती देख हरियाणा सरकार ने पहले ही बैरियर लगा दिए, ताकि किसान आगे नहीं जा सकें।

बड़े नेता भी अलवर आने लगे

शाहजहांपुर खेड़ा हरियाणा बॉर्डर पर किसान आंदोलन तेजी से आगे बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए अब प्रदेश और केंद्र के बड़े नेताओं का रुख भी इधर हो गया है। शुक्रवार को राज्यसभा सांसद भूपेन्द्र यादव ने खैरथल के किशनगढ़बास रोड पर किसान चौपाल की। वहीं, पूर्व सांसद डॉ. करण सिंह यादव ने कृषि कानूनों के विरोध में बहरोड़ में किसानों से मुलाकात की। सांसद हनुमान बेनीवाल भी अलवर में किसानों के साथ अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में जुटे हुए हैं।

गहलोत और पायलट सही दिशा में किसानों की लड़ाई लड़ें

राज्यसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र यादव खैरथल के किशनढ़बास रोड पर किसान चौपाल में पहुंचे। यहां किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कृषि कानूनों के बारे जानकारी दी। यादव ने कहा कि ये कानून किसानों के हित में हैं। इनके नतीजे बाद में किसानों को बड़ा फायदा देंगे। प्रदेश में कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को लेकर कहा कि इन नेताओं को भी किसानों के हित में सही लड़ाई लड़ने की जरूरत है। किसानों को बहकाने से उनका फायदा नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही ये कानून लेकर आए गए हैं।

 

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