जालोर : 8 दिन बाद NDRF की टीम ने नर्मदा नहर में डूबे जीवाराम का शव खोज निकाला

जालोर : 8 दिन बाद NDRF की टीम ने नर्मदा नहर में डूबे जीवाराम का शव खोज निकाला
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  • बाड़मेर जिले के चौहटन तहसील के गोलिया का निवासी जीवाराम 8 मार्च की रात्रि में नर्मदा नहर के गिरा था

जालोर

8 मार्च की देर रात्रि को नर्मदा नहर में गिरे बाड़मेर जिले के गोलिया निवासी युवक का आठवे दिन यानि मंगलवार को एनडीआरएफ टीम ने शव खोज निकाला है। टीम ने गोलिया, बाड़मेर निवासी जीवाराम पुत्र घमंडाराम भील का शव चितलवाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। आपको बता दें कि 8 मार्च को डूबे जीवाराम को बड़ी मशक्कत के बाद 16 मार्च को यानि 8 दिन बाद एनडीआरएफ टीम की मदद से ढूंढ निकाला है।

जानकारी के अनुसार एनडीआरएफ के कमांडेंट अजय कुमार तिवारी के निर्देशानुसार व सहायक कमांडेंट योगेश कुमार मीणा के पर्यवेक्षण में व निरीक्षण विनय कुमार के निर्देशन में एनडीआरएफ के 25 सदस्यों ने मंगलवार को गोलिया निवासी (तहसील—चौहटन, जिला बाड़मेर) जीवाराम पुत्र घमंडाराम भील को एनडीआरएफ के विशेष गोताखोरों ने नहर से बाहर निकाला। उसके बाद टीम ने शव चितलवाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया।

जालोर. नर्मदा नहर में मिला 8 दिन से लापता जीवाराम का शव।

 

15 मार्च को एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम ने जालोर-बाड़मेर की सीमा पर बनी अंडर ग्राउंड नहर समेत साइफनों पर तलाशी ली थी, लेकिन कोई पता नहीं चल पाया। इधर, पिछले 8 दिनों से नहर में गिरने की सूचना पर युवक गोलिया निवासी जीवाराम (23) पुत्र घमडाराम भील के परिजन भी मौके पर मौजूद थे। हालांकि सोमवार को कलेक्टर हिमांशु गुप्ता के निर्देश पर एडीएम सीएल गोयल ने घटना स्थल पर पहुंचकर जीवाराम तलाशी में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।

उम्मीद छोड़ चुके थे परिजन

पिछले 8 दिन से जीवाराम की नहर में हो रही तलाशी में उनके मिलने की उम्मीद अब धीरे-धीरे टूटते हुई नजर आने लगी थी, इधर परिजनों की भी चिंता और बढ़ती जा रही थी। नहर में खोजबीन को लेकर एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवान तलाशी में जुटे हुए थे। आखिरकार मंगलवार को एनडीआरएफ टीम को जीवाराम का शव ढूंढने में सफलता हासिल हुई।

देखें वीडियो…

नहर में 500 क्यूसेक तक पानी कम हुआ, जब जाकर मिली सफलता

नर्मदा नहर में करीब 500 क्यूसेक पानी कम किया गया। इससे पूर्व नर्मदा नहर में करीब 1550 क्यूसेक पानी चल रहा था। 7 दिन तक नहर में शव नहीं मिलने से प्रशासन ने रविवार से 500 क्यूसेक पानी कम करवा दिया। उसके बाद सोमवार को पूरे दिन तलाशी ली, लेकिन कोई पता नहीं चल पाया, आखिरकार मंगलवार को एनडीआरएफ को सफलता हाथ लगी।

1 किमी तक अंडरग्राउंड नहर होने से बढ़ी थी परेशानी

जालोर-बाड़मेर की सीमा पर नर्मदा नहर का कैनाल करीब एक किलोमीटर तक अंडर ग्राउंड बनाया गया हैं। नहर की छत होने से उसमें तलाशी करने में समस्या आ रही थी। ऐसे में जीवाराम का शव कहीं न कहीं उसमें फंसा होने की भी संभावना हैं। ऐसे में नहर में पानी कम करवाने के बाद अंडर ग्राउंड खाली किया जा रहा हैं।

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