जालोर में कांग्रेस की बैठक : वरिष्ठ कांग्रेसी देवड़ा बोले – मैं मानता हूं पुखराज पाराशर एक तोप है…

जालोर में कांग्रेस की बैठक : वरिष्ठ कांग्रेसी देवड़ा बोले – मैं मानता हूं पुखराज पाराशर एक तोप है…
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  • निवर्तमान नगर अध्यक्ष ने कहा कि 70 वर्षों से पार्टी को वोट दे रहे अल्पसंख्या या एससी-एसटी से जिलाध्क्ष बनाओ

  • जितेन्द्र कसाना ने किसी का नाम लिए बगैर बड़े नेताओं और मंत्रियों पर साधा निशाना

जालोर

जालोर में जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक प्रदेश सचिव और जिला प्रभारी भूराराम सीरवी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुई। बैठक में कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कांग्रेस के कई जनप्रतिनिधियों में अपना दुखड़ा सुनाया। दरअसल, बैठक जिलाध्यक्ष को लेकर फीडबैक लेने को लेकर थी।

वीडियो में देखें कौन क्या बोला…

बैठक की शुरुआत राजीव गांधी की तस्वीर पुष्प अर्पित करके हुई। इसके बाद में भूराराम सीरवी के जिला प्रभारी बनकर पहली बार जालोर आने पर कार्यकर्ताओं की ओर से माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सम्बोधित किया और अपना दुखड़ा भी सुनाया। नत्थूखां ने बैठक को सम्बोधित करते कांग्रेस कार्यकर्ताओं में पनप रहे असंतोष की बात कही और इसका जिम्मेदार पार्टी के बड़े नेताओं या जिला मुख्यालय पर बैठे नेताओं को बताया।

वहीं वरिष्ठ कांग्रेसी लच्छीराम माली ने भी इसी बात को दोहराते हुए कहा कि चुनाव में हम लोगों के बीच जाते है और उन्हें आश्वास देते है कि आपके काम करवाना हमारी प्राथमिकता है। लेकिन चुनाव के बाद जब लोग हमारे पास आते है तो हम उनका काम नहीं करवा पाते। बाद में महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष ममता जैन ने भी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की बात दोहराते हुए कहा कि इस तरह का रवैया रहा तो एक समय ऐसा भी आएगा कि पार्टी के पास कार्यकर्ताओं की कमी होगी। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि कभी भी उनके या उनके कार्यकर्ताओं के फोन नहीं उठाए जाते है। ऐसी स्थिति में कार्यकर्ता अपनी समस्या कहां लेकर जाएगा।

कसाना के बोलते ही विवाद शुरू हुआ

जितेन्द्र कसाना ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कड़े शब्दों में कहना शुरू किया कि हम एक ही रोना रो रहे है, क्या इससे कोई हल निकलेगा, इन सभी का हल हमें ही निकालना होगा। हम ही पार्टी की समस्याओं को सुलझा सकते है, इतना कहते ही एक जनप्रतिनिधि ने कहा कि हल कैसे निकलेगा, जब मैं खुद जनप्रतिनिधि होने के बाद मेरा खुद का बिजली कनेक्शन काट दिया गया, इसके लिए मैने रामलालजी को फोन किया, उन्होंने आगे बात भी की लेकिन बात नहीं बनी। मुझे कहा गया कि पुखराज पाराशर से मिलो तो मैं उनसे भी मिला लेकिन मुझे वहां से भी संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। ऐसी स्थिति में जब मैं खुद मेरी समस्या के लिए इधर-उधर भटक रहा हूं, तो मैं अपने गांव वालों की समस्या कैसे सुलझाउंगा। कसाना ने टोकते हुए कहा कि आप बैठक के बाद प्रभारी से मिलें और अपनी समस्या सुना सकते हैं। जिसपर बैठक में बैठे कई कार्यकर्ताओं ने एक सुर मैं कहा कि बाद में तो हमें मिलने नहीं दिया जाता, कहा जाता है कि अब आप जा सकते है।

बड़े नेताओं पर निशाना

बैठक को सम्बोधित करते हुए जितेन्द्र कसाना ने पार्टी से जीते और मंत्री बने नेताओं पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बड़े नेता या मंत्री जैसे ही जालोर आते है तो वे सीधे कलक्ट्रेट चले जाते है और वहां से सीधा निकल जाते है, जबकि राजीव गांधी भवन में आना मुनासिब भी नहीं समझते। उन्हें पहले यहां आकर कार्यकर्ताओं से मिलना चाहिए बाद में आगे के कार्यक्रम में जाना चाहिए।

भुट्टो की मांग जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक या एससी-एसटी से हो

जितेन्द्र कसाना ने जैसे ही निवर्तमान नगर अध्यक्ष जुल्फीकार अली भुट्टो का नाम लेकर कहा कि वे पार्टी में वरिष्ठ है, इन्हें कार्यकर्ताओं और जिला प्रभारी के पास बैठना चाहिए, जबकि वे पीछे जाकर खड़े है। इतना सुनते ही निवर्तमान नगर अध्यक्ष जुल्फीकार अली भुट्टो गुस्से में आकर बोले उन्हें कहां खड़ा रहना और कहां नहीं ये उनका विषय है। आप मुझे एक बात कहोगे मैं आपको चालीस बात सुनाउंगा। बैठक में सरकार के कामों की समीक्षा नहीं करके जिलाध्यक्ष को लेकर चर्चा करनी चाहिए। जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक या एससी-एसटी समाज से होना चाहिए। उन्होंने ७० से कांग्रेस को ही वोट दिया है।

मुझे बनाओ जिलाध्यक्ष, फिर देखो क्या होता है…

वरिष्ठ कांग्रेस सोहनसिंह देवड़ा ने भी सभा को सम्बोधित करते हुए खासा लम्बा चौड़ा भाषण दिया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस में आपसी फूट सबसे बड़ा विषय है। आप मुझे जिलाध्यक्ष बनाओ फिर देखो मैं कैसे काम करके दिखाता हूूं। अगर मैं इसमें विफल रहता हूं तो ६ महीने बाद लात मार के भगा देना।

जिला प्रभारी ने किया आह्वान

संबोधित करते हुए जिला प्रभारी भूराराम सीरवी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा मुझे जालोर जिले का संगठन प्रभारी बनाया गया है और मैं जिले की संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी के लिए आप से बीच उपस्थित हुआ हूं। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने बिना किसी विपक्षी दल, बिना किसानों से चर्चा कर किसान विरोधी बिल को पास करवाया जिसके विरोध में सेकड़ों की संख्या में किसान आंदोलन कर रहे है। भाजपा सरकार अपने तानाशाही रवैये के कारण सर्दी में आंदोलन कर रहे किसानों की बात नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विगत 2 वर्षों से प्रदेश में अच्छा कार्य कर रही है हम समस्त कांग्रेसजन को राज्य सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं को गांव गांव ढाणी ढाणी तक पहुचने का कार्य करना चाहिए। उन्होंने आगामी 15 जनवरी को केंद्र सरकार के विरोध में जयपुर में आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन में जिले से ज्यादा से ज्यादा संख्या में कार्यकर्ताओं को भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में समस्त ब्लॉक स्तर पर बैठकों का आयोजन किया जाएगा।

इन्होंने भी किया सम्बोधित

बैठक को पूर्व जिलाध्यक्ष नैन सिंह राजपुरोहित, पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल, आहोर कांग्रेस प्रत्याशी सवाराम पटेल, रानीवाड़ा प्रधान राघवेंद्र सिंह देवड़ा, उमसिंह चांदराई, ब्लॉक अध्यक्ष जवानाराम परिहार, सायला ब्लॉक अध्यक्ष अजित सिंह देता, पूर्व प्रधान भंवरलाल मेघवाल, ब्लॉक अध्यक्ष लादूराम चौधरी, पूर्व प्रधान रमिला मेघवाल, जिला महासचिव शहजाद अली, जिला परिषद सदस्य लक्ष्मी मीणा, ईशराराम विश्नोई ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला प्रवक्ता योगेन्द्र सिंह कुम्पावत ने किया।

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