जालोर विधायक विधायक दल के सचेतक नियुक्त, गर्ग के बढ़ते कद से दूसरे खेमे में बढ़ी चिंता

जालोर विधायक विधायक दल के सचेतक नियुक्त, गर्ग के बढ़ते कद से दूसरे खेमे में बढ़ी चिंता
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  • गर्ग ने इस उपलब्धि को जालोर की जनता को समर्पित किया

जालोर

जालोर से चार बार विधायक बने जोगेश्वर गर्ग भाजपा ने विधायक दल का स​चेतक नियुक्त किया है। आपको बता दें कि जोगेश्वर गर्ग पूर्व मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत के शासनकाल में मंत्री पद पर भी रह चुके है। वहीं गर्ग शुरुआत से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से भी जुड़े रहे है।

जालोर विधायक को विधायक दल का सचेतक नियुक्त करने के पीछे की बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि कुछ समय पहले वसुंधरा खेमे के कुछ विधायकों ने विधानसभा में बोलने के लिए भेदभाव का आरोप लगाया था। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने जालोर विधायक गर्ग को भाजपा विधायक दल का सचेतक बनाने सम्बंधी बुलेटिन जारी ​किया है।

भाजपा में गर्ग का बढ़ता कद दूसरे खेमे के लिए चिंता

भाजपा में जोगेश्वर गर्ग पूर्व में मंत्री रह चुके है, वहीं चौथी बार विधायक भी चुने गए है। जोगेश्वर 2018 में जालोर से चौथी बार विधायक बने है। इससे पहले भाजपा से अमृता मेघवाल विधायक रह चुकी है। इस बार गर्ग को विधायक दल का सचेतक नियुक्त किया गया है। ऐसे में जालोर से भाजपा में जोगेश्वर गर्ग का कद और बढ़ गया है। ऐसे में अगले विधानसभा चुनाव के लिए अमृता मेघवाल के चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी को झटका लग सकता है। सूत्रों के ​मुताबिक वसुंधरा राजे के सक्रिय होने के बाद पूर्व विधायक अमृता मेघवाल भी सक्रिय हुई, इतना ही नहीं उनके पति बाबूलाल भी तैयारी में जुट चुके है। ऐसे में वसुंधरा खेमे के काट के रूप में गर्ग को सचेतक नियुक्त करना पूर्व विधायक मेघवाल के लिए एक बड़ा झटका है।

भाजपा का वसुंधरा खेमे का तोड़ निकालने की कोशिश

जोगेश्वर गर्ग को भाजपा विधायक दल का सचेतक नियु​क्त कर भाजपा ने दो तरह के कार्ड का प्रयोग किया है। वसुंधरा खेमे से भाजपा विधायक कैलाश मेघवाल ने विधायक दल के सचेतक को लेकर सवाल किए थे। कैलाश मेघवाल दलित चेहरा होने के साथ—साथ भैरोसिंह शेखावत के समय मंत्री भी रह चुके है। इसका तोड़ निकालते हुए भाजपा ने आरएसएस से जुड़े जोगेश्वर गर्ग को विधायक दल का सचेतक निुयक्त कर दिया। ऐसे में गर्ग दलित चेहरा होने के साथ—साथ भैरोसिंह शेखावत के समय में मंत्री भी रह चुके है।

मंत्री पद से इस्तीफा देकर लाल चौक पर तिरंगा फहराने श्रीनगर गए थे

जोगेश्वर गर्ग शुरू से ही आरएसएस और हिंदूवादी संगठनों के साथ सक्रिय रहे हैं। जोगेश्वर गर्ग भेरोसिंह शेखावत सरकार में मंत्री थे, उस वक्त श्रीनगर के लालचौक में तिरंगा फहराने के आंदोलन में शामिल होने के लिए जनवरी 1992 में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। गर्ग मंत्री पद से इस्तीफा देकर श्रीनगर के लालचौक में तिरंगा फहराने के लिए गए थे। उस वक्त मुरलीमनोहर जोशी नेतृत्व कर रहे थे और मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी उस अभियान का जिम्मा संभाल रहे थे। गर्ग भी मुरली मनोहर जोशी, नरेंद्र मोदी के साथ जाने वाले प्रमुख नेताओं में थे। गर्ग बाद में दिसंबर 1992 में अयोध्या मेें कारसेवा के लिए भी गए थे। अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराए जाने के बाद राजस्थान में तत्कालीन भैरोंसिंह शेखावत सरकार को केंद्र ने बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगा दिया था।

उपलब्धि जालोर की जनता को समर्पित

गर्ग ने सोशल मीडिया पर लिखा, सबकी उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा – गर्ग ने सचेतक बनाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, एक अकिंचन कार्यकर्ता को जिसके पास न जनबल है, न धनबल है और न ही बाहुबल है। बिना मांगे बहुत कुछ देने के लिए भाजपा राजस्थान और समस्त भाजपा परिवार का हार्दिक आभार। नेतृत्व,विधायक दल व समस्त कार्यकर्ताओं की उम्मीद पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। वहीं दूसरा ट्विट कर लिखा — यह उपलब्धि भी जालोर की कृपालु जनता एवं समस्त मित्रों/शुभचिंतकों के श्री चरणों में समर्पित। #जय_जालोर

 

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