मानसून की दस्तक के बीच फिर से गुलजार हुआ Mount Abu

मानसून की दस्तक के बीच फिर से गुलजार हुआ Mount Abu
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भरत सेंदर. माउंट आबू

करीब 3 माह तक कोरोना के संकट के हालातों ने Mount Abu के पर्यटन और इससे जुड़े व्यापार को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया था। लेकिन इस खतरे को दरकिनार करते हुए अब माउंट की हरितिमा से आच्छादित वादियां एक बार फिर से पर्यटकों से गुलजार नजर आ रही है। लंबे समय बाद मानसून सीजन में बाजार चहकने के साथ स्थानीय व्यापारी और Hotel व्यवसायी खुश नजर आ रहे हैं।

उनका कहना है कि Mount में अक्सर गर्मियों की सीजन में पर्यटकों की भरमार रहती है और मुय रूप् से यहां गुजरात से पर्यटक पहुंचते हैं। इस सीजन में होटल व्यापारियों को अच्छी खासी आय होती है। दूसरी तरफ यहां स्थापित होटल रेस्टोरेंट्स पर्यटकों की भरमार के बीच खचाखच भरे हुए नजर आते हैं, लेकिन इस साल कोरोना संकट के हालातों के बीच पिछले तीन माह का समय ऐसा नहीं रहा। सीधे तौर पर इन हालातों ने यहां के व्यवसाय को खासा प्रभावित किया। मायूसी भरे हालातों में मानसून की सीजन ने खुशियों भरी सौगात दी है और एक बार फिर से पर्यटक यहां का रुख कर रहे हैं, जिससे मंदी और संकट की मार झेल चुके व्यापारी अब काफी खुश हैं।

कपल्स की पहल पसंद

पश्चिमी राजस्थान की बात करें तो नवविवाहित जोड़ों की पहली पसंद माउंट आबू है। हरियाली से ढका यह क्षेत्र पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर खींच लेता है। दूसरी तरफ सीमावर्ती क्षेत्र गुजरात से हर साल हजारों की संया में पर्यटक यहां तक पहुंचते हैं। यहां रुकने के लिए उचित प्रबंध होने के साथ खान पान की व्यवस्था भी अच्छी होने से यहां पर्यटक कई दिन तक रुकते हैं। गर्मी के मौसम के बाद बारिश के मौसम में तो यहां की प्राकृतिक छटा और भी निखर जाती है और मनोहरी दृश्यों के बीच माउंट की ऊंचाइयों पर बादल शहर के बीच प्रवास करते नजर आते हैं।

नक्की हैं खास पसंद

माउंट पहुंचने वाला पर्यटक नक्की को निहारे बिना नहीं रह सकता। यहां की यात्रा को पर्यटक के लिए तब तक अधूरा माना जाता है जब तक नक्की में बोटिंग नहीं कर लेता। यहां अलग अलग तरह की बोटिंग की व्यवस्था है और कपल्स के लिए भी अलग तरह की बोट राइडिंग की व्यवस्था मौजूद है। सेटी के लिए पर्यटकों को लाइफ जेकेट पहनाए जाते हैं और बाहरी स्तर से पर्यटकों की सुरक्षा के लिए मॉनिटरिंग भी होती है।

और भी खास स्थान, जहां जाना चाहेंगे आप

माउंट आबू क्षेत्र में पर्यटन क्षेत्रों की भरमार है और इन्हें देखने के लिए कम से कम दो दिन का स्टे यहां करना होता है और होटल व्यवसायी आपका यहां पलक पांवड़े बिछाकर स्वागत करते हैं। यहां गुरु शिखर पर्यटकों को खासा रास आता है। वहीं लव प्वाइंट या सन सेट सीन पर यूथ जनरेशन दिखाई दे जाती है। इस पूरे क्षेत्र में शिव मंदिरों समेत अन्य मंदिर भी है, जो खासे ऐतिहासिक है। तलहटी और शिखर पर ब्रह्माकुमारी राजयोग केंद्र है। सालभर साधना और कई धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। इसके अलावा इस केंद्र द्वारा स्थापित आध्यात्मिक केंद्र और उद्यान पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहते हैं।

व्यवसाय की चिंता से अधिक देश की चिंता थी

Geeta Agrawal, Hotel Hillock Mount Abu
Geeta Agrawal, Hotel Hillock Mount Abu

पहले स्तर पर कोरोना संकट में होटल व्यवसाय पर खासा असर पड़ा था, लेकिन पहले स्तर पर व्यवसाय से कई अधिक देश की चिंता थी। जिसके चलते जो सरकारी निर्देश थे, उनकी पालना की गई। कुछ पर्यटक फंस गए थे, उन्हें सहयोग किया गया। लॉकडाउन के बाद अभी व्यवसाय शुरुआती स्तर पर गति पकड़ रहा है। सीधे तौर पर फिर से व्यस्तता बढ़ रही है। हालांकि अभी पहले जैसे कार्य में गति नहीं आई है। सरकार को भविष्य के हालातों पर विशेष नजर रखने की जरुरत है। जहां पर भी कोरोना संकट के हालात बिगड़े बेहतर मॉनिटरिंग की जरुरत है। हालांकि कोरोना से घबराने की आवश्यकता नहीं है। आयुर्वेद भारत की पहचान है। निर्देशों की पालना में इसका सेवन स्वाथ्यवर्धक रहेगा। हमारे होटल में बाहर से आने वाले पर्यटकों को सेनेटाइज किया जा रहा है। उन्हें गर्म पानी और नींबू, अदरक समेत अन्य आयुर्वेदिक नुस्खे का उपयोग कर स्वस्थ रहने के तरीके भी बताए जा रहे हैं। साथ ही शुद्ध सात्विक भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
– गीता अग्रवाल,
होटल हिलॉक, माउंट आबू


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