सिरोही विधायक संयम लोढा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर फिर से गहलोत व पायलट गुट के बीच विवाद को तूल दिया

सिरोही विधायक संयम लोढा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर फिर से गहलोत व पायलट गुट के बीच विवाद को तूल दिया
Spread the love


  • गहलोत समर्थक विधायक लोढ़ा ने लिखा—’सांप जब तक आस्तीनों के न मारे जाएंगे…हौसला कितना भी हो, जंग हारे जाएंगे’

सिरोही

सिरोही से निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने इशारों ही इशारों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नसीहत देते हुए भावी सियासी उठापटक के भी संकेत दिए हैं। संयम लोढ़ा ने सोशल मीडिया पर सीएम गहलोत को टैग करते हुए लिखा- सांप जब तक आस्तीनों के न मारे जाएंगे, हौसला कितना भी हो, जंग हारे जाएंगे…। यह इशारा सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को किया है। इस नसीहत में आस्तीन के सांप किसे बताया है यह तो खुलकर नहीं बताया लेकिन इशारा बागी विधायकों की तरफ बताया जा रहा है।

संयम लोढ़ा से जब उनकी दो लाइन के सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। लोढ़ा ने इस मैसेज को डिकोड करने और इसके सियासी मायने निकालने का काम मीडिया पर डाल दिया। संयम लोढ़ा इस बार निर्दलीय विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को समर्थन दे रहे हैं। सचिन पायलट खेमे की बगावत से लेकर हर मौके पर वे सरकार के बचाव में खड़े रहे हैं। विधानसभा में उन्हें निर्दलीय होते हुए भी कांग्रेस विधायकों से ज्यादा बोलने का मौका दिया जाता है। ऐसे में संयम लोढ़ा की इस नसीहत पर सियासी हलकों में कई तरह की चर्चाएं हैं।

इशारा… पायलट समर्थक विधायकों की ओर!

संयम लोढ़ा का इशारा पार्टी के भीतर मौजूद असंतुष्ट विधायकों की तरफ माना जा रहा है। इनमें से अधिकतर सचिन पायलट समर्थक हैंं। लोढ़ा ने खुलकर किसी का नाम लेने की जगह इशारों में संकेत दिए हैं। संयम लोढ़ा खुद भी मंत्री पद या सरकार में भागीदारी के दावेदार हैं, लेकिन लगातार हो रही देरी से अब उनका मन भी उचट रहा है। लोढ़ा हाल के दिनों में कड़वे शब्दों में अशोक गहलोत और उनकी सरकार को विधानसभा के भीतर और बाहर सलाह देते नजर आए हैंं।

विधानसभा में… बोलने के लिए मिला कांग्रेस विधायकों से ज्यादा समय

गहलोत के पिछले कार्यकाल में संयम लोढ़ा ने विधानसभा में एससी-एसटी के साथ राजनीतिक अन्याय पर कांग्रेस को खरी-खरी सुनाई थी। लोढ़ा ने ही सबसे पहले एससी-एसटी के मंत्रियों को कमतर विभाग देने का मुद्दा उठाया था। विधानसभा में जनजाति क्षेत्रीय विकास की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान संयम लोढ़ा ने कहा था कि एससी-एसटी के मंत्रियों को कमजोर विभाग दिए जाते हैं।

Facebook Post

 

सांप जब तक आस्तीनों के न मारे जायेंगे…

हौसला कितना भी हो, जंग हारे जाएंगे…

#हौसला #जंग #Congress

Sanyam Lodha द्वारा इस दिन पोस्ट की गई बुधवार, 24 मार्च 2021

 

हर स्तर पर इनका शोषण हो रहा है। इन्हें यूडीएच, पीएचईडी, मांइस जैसे महकमे क्यों नहीं दिए जाते। कांग्रेस को समझ लेना चाहिए कि एएसी-एसटी के लोगों के वोटों से राज बना है। इन लोगों के चुने हुए नुमाइंदों के साथ कांग्रेस ने राजनीतिक न्याय नहीं किया तो दिल्ली और सूरत वाले हालात हो जाएंगे। संयम लोढा के बाद ही सचिन पायलट समर्थक रमेश मीणा ने एसससी एसटी के विधायकों की आवाज दबाने को उन्हें बिना माइक की सीटें देने का आरोप लगाकर विवाद खड़ा किया था।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published.