भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री व सायला के पूर्व सरपंच सुरेश राजपुरोहित पर ओरण भूमि पर ​अतिक्रमण करवाने का आरोप

भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री व सायला के पूर्व सरपंच सुरेश राजपुरोहित पर ओरण भूमि पर ​अतिक्रमण करवाने का आरोप
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rajasthanbharati.com / Sayla (सायला)

ग्राम पंचायत मुख्यालय सायला (Sayla) पर करोडो रूपए की ओरण भूमि पर पूर्व सरपंच सुरेश राजपुरोहित (Suresh Rajpurohit) द्वारा नियमों को ठेंगा दिखाते हुए पट्टे जारी करने का मामला सामने आया है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की गई।

ज्ञापन में बताया कि ग्राम सायला में चक नम्बर 1 में ओरण की 36.25 बीघा भूमि तथा चक नम्बर 2 में ओरण की 79.69 बीघा भूमि स्थित है। जबकि आरक्षित औद्योगिक भूमि वर्तमान जमाबंदी के अनुसार संवत 2076 से 2079 तक में स्थित है।

उक्त जमाबंदी के सभी खसरो में सिर्फ गैर मुमकिन दर्ज होने का फायदा उठाकर ओरण, गोचर व आरक्षित औद्योगिक भूमि पर पटवारी द्वारा प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे है।

जबकि उक्त खसरों में पूर्व में अवैध अतिक्रमण मानकर सायला तहसील द्वारा कार्यवाही की गई थी। लेकिन ग्राम पंचायत सायला के पूर्व सरपंच सुरेश राजपुरोहित ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए ओरण व गोचर भूमि पर कब्जे करवाकर एनओसी (बेचान की अनुमतियां) जारी की गई है।

जिससे उक्त जमीनों की रजिस्ट्री हो सके एवं ऐसी रजिस्ट्रियां तहसील कार्यालय सायला द्वारा की भी गई है। इसी प्रकार आरक्षित औद्योगिक क्षेत्र की भूमि के आवासीय पट्टे भी जारी कर दिए गए।

जिस पर वर्तमान में निर्माण कार्य भी जारी है। इस प्रकार किस्म ओरण, गोचर व आरक्षित औद्योगिक क्षेत्र की जमीन समाप्त कर दी गई है। जिसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ है।

इस दौरान परकाराम, बलवंतसिंह, भूराराम, निम्बाराम मेघवाल, विक्रमसिह, गेबाराम, ताराराम, लालाराम, मांेगाराम, कोलाराम, बगदाराम, जेताराम, अशोक, शांतिलाल, अजाराम, कपुराराम, मगाराम, सोनाराम, हडमानाराम, वालाराम, दरगाराम, बाबराराम, गोपाराम, धुकाराम, उदाराम सहित ग्रामीण मौजूद थे।

करोड़ों की कीमत बताई जा रही ओरण भूमि

ज्ञापन में बताया कि सायला में जमीनों की कीमतें अधिक है। इसलिए ओरण भूमि की जमीन की कीमत भी करोडो रूपये तक पहुंचती है। यह ओरण-गोचर व आरक्षित औद्योगिक क्षेत्र की जमीन तहसील कार्यालय के सामने व मुख्य सडक-बागोडा, जीवाणा रोड पर स्थित है। आश्चर्य की बात तो यह है कि तहसील कार्यालय व पटवारी का भवन भी इस जमीन के पास स्थित है।

भाजपा युवा मोर्चा में पदाधिकारी, इसलिए दबदबा

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि सायला में पूर्व सरपंच सुरेश राजपुरोहित का दबदबा है। वहीं पूर्व सरपंच राजपुरोहित भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिला महामंत्री भी है।

इसी दबदबे एवं राजनीतिक रसूखातों के चलते किसी व्यक्ति ने पूर्व सरपंच के खिलाफ प्रशासन को सूचित या शिकायत तक नहीं की है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने के लिए जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर एक जांच कमेटी गठित करने की मांग की है। जिसमें स्थानीय प्रशासन की दखलांदजी नहीं हो। ताकि निष्पक्ष जांच को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं किया जा सके।

यह है मामला

सायला के पूर्व सरपंच राजपुरोहित द्वारा ओरण व गोचर की भूमि में पट्टा संख्या 36 मिसल संख्या 687, पट्टा संख्या 48 मिसल संख्या 699 एवं पट्टा संख्या 49 मिसल संख्या 700 को दिनांक 24 दिसबंर 2019 को पट्टे जारी किये है। जो कि वर्तमान खसरा संख्या 2132 एवं 2148 किस्म ओरण भूमि पर बनाए गए है।

इसी प्रकार इसके पास ही उक्त खसरा व अन्य ओरण के खसरों में पट्टे जारी किए गए है। पूर्व सरपंच द्वारा ओरण भूमि पर कितने पट्टे जारी किए गए है यह तो जांच के बाद ही मालूम होगा लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि करीनब 190 से 200 पट्टे ओरण भूमि पर बनाए जाने की संभावना है।

ऐसे में ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच सुरेश राजपुरोहित द्वारा ओरण व गोचर भूमि में बनाए गए पट्टो की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है।

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