राजस्थान में कहीं ओले और बारिश तो कहीं धूलभरी आंधी, बिजली गिरने से युवक की मौत

राजस्थान में कहीं ओले और बारिश तो कहीं धूलभरी आंधी, बिजली गिरने से युवक की मौत
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जयपुर

राजस्थान में सोमवार को एक बार फिर मौसम ने करवट बदली। जयपुर, अलवर, अजमेर, सीकर, भीलवाड़ा, टोंक, झुंझुनूं सहित प्रदेश के कई जिलों में दोपहर बाद बारिश के साथ ओले गिरे। बारिश और ओलो ने भले ही लोगों को गर्मी से राहत दी हो। लेकिन किसानों को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ा। खेतों में खड़ी और कटी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इधर, झुंझुनूं में बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई है।

मौसम विभाग ने बताया कि यह मौसमी बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते हुआ है। जहां-जहां बारिश और ओले गिरे, वहां सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। जयपुर में दोपहर बाद बादल छा गए और शाम होते-होते धूलभरी आंधी चलने लगी। आंधी के साथ उड़ी धूल-मिट्‌टी से पूरा आसमान मटमैला हो गया। वहीं मिट्‌टी उड़ने से दुपहिया वाहन चालकों को गाड़ी चलाने में परेशानी हुई।

झुंझुनूं में बिजली गिरने से युवक की मौत

झुंझुनूं के सूरजगढ़ क्षेत्र स्थित उरीकी कस्बे में बिजली गिरने से युवक की मौत हो गई। प्रीतम सिंह (25) पुत्र कमेर सिंह राजपूत अपने परिवार के साथ खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान बूंदाबांदी शुरू हो गई। सभी लोग खेत में बने छप्पर के नीचे बैठ गए। जहां अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। इससे प्रीतम गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे नजदीक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

Jalore Weather
जालोर में करीब सोमवार को 12 बजे तक कुछ इस तरह छाई रही धूलभरी धुंध।

बाड़मेर, जालोर व जोधपुर में धूल भरी आंधी

जोधपुर व बाड़मेर में आंधी से जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। 60 से 70 किलोमीटर की रफ्तार से चले अंधड़ से जबरदस्त तबाही मची। कई कच्चे मकानों की छतें उड़ गई, तो खेत में काटी रखी हुई उपज उड़ने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। वहीं जालोर में रविवार देर रात आए धूलभरी हवाएं चलीं। सुबह से दोपहर तक धूलभरी धुंध छाई रही। दोपहर करीब 1 बजे बाद मौसम साफ होने लगा, तब तक आसमान धूल होने से सूरज भी साफ दिखाई नहीं दिया।

अजमेर में विजिबिलिटी 200 मीटर तक रह गई, भीलवाड़ा में 30 मिनट तक गिरे ओले

अजमेर में सुबह से धूल का गुबार छाया रहा। इसके कारण विजीबिलिटी 200 मीटर तक ही रही। वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। हालांकि, दोपहर 4 बजे धूल भरी आंधी चलने लगी और बूंदाबांदी शुरू हुई। इस दौरान कईं जगहों पर ओले भी गिरे। बरसात से तापमान में गिरावट होने के बाद शाम को मौसम सुहावना हो गया।

इधर, अलवर में शाम करीब 4:30 बजे कई जगहों पर बारिश हुई। बादलों की तेज गर्जना के साथ बिजली चमकी। टोंक जिले में टोडारायसिंह सहित कई जगह बारिश, ओले व अंधड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। गेहूं की खड़ी फसलें चौपट हाे गईं। इस एरिया में चने की फसल में भी भारी नुकसान पहुंचा है। भीलवाड़ा के बदनौर में शाम को कई जगह तेज बरसात हुई और करीब 30 मिनट ओले भी गिरे। ओलाें का आकार चने व बैर जैसा था।

आंधी से हुए नुकसान के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

इससे पहले बीती रात पश्चिमी राजस्थान में आए तेज अंधड़ से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इसको लेकर अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है। जिसमें आंधी से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की। शाले मोहम्मद ने पत्र में बताया कि 21 मार्च की रात्रि में जैसलमेर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में आए तेज अंधड़ से बिजली के पोल गिर गए। पेड़ टूट गए हैं। इससे आमजन का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खेत में खड़ी किसानों की चना, जीरा, इसबगोल की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

 

 

 

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