जालोर के विद्यालय में भेदभाव के आरोप में मामले में यह सच्चाई आई सामने

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  • – केरवी विद्यालय में भेदभाव के आरोप के बाद टीम ने दर्ज किए बयान

जालोर. सरनाऊ पंचायत के केरवी विद्यालय में आयोजित वार्षिकोत्सव में सोशल मीडिया पर भेदभाव के आरोप के प्रकरण में शिक्षा विभाग द्वारा गठित टीम ने जांच रिपोर्ट पेश कर दी है। इस प्रकरण में टीम ने स्कूल स्टाफ, ग्रामीण, परिजन और विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए। जांच में स्कूल स्टाफ को क्लीन चिट दी गई है।

विभागीय जांच में बयान में यह सामने आया कि यहां किसी तरह का भेदभाव नहीं हुआ। दो पांडाल छांव के लिए बनाए गए थे और इनमें हर वर्ग के लोग मौजूद थे। एक पांडाल में विद्यार्थी, स्टाफ मौजूद थे। जबकि एक अन्य पांडाल भी पास ही लगाया गया था। जिसमें परिजन, ग्रामीण मौजूद थे। दूसरे पांडाल में किसी एक वर्ग या समुदाय के लोग मौजूद नहीं थे, बल्कि हर वर्ग के लोग यहां मौजूद थे और धूप से बचाव के लिए वे यहां बैठे थे।

 

सोशल मीडिया पर 6 मार्च के वार्षिकोत्सव के दौरान दलित वर्ग से भेदभाव का आरोप लगाया गया था। मामला सोशल मीडिया पर छाने के बाद शिक्षा मंत्री ने भी ट्विट करते हुए मामले की जांच के लिए निर्देश दिए थे। जांच में टीम ने हर वर्ग, समुदाय के बयान दर्ज किए। जिसमें कार्यक्रम में दलित या पिछड़े वर्ग से भेदभाव की बात किसी ने भी नहीं स्वीकारी। कार्यक्रम में सभी समान भावना और सकारात्मक भावना से ही शरीक हुए और अपनी इच्छा के अनुसार ही कार्यक्रम में बैठे भी थे।

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